डीएम सेल्वा कुमारी जयाराजन ने दिये त्यौहारी सीजन में विशेष सर्तकता बरतने के आदेश

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष दीपावली का मुख्य पर्व 14 नवम्बर को मनाया जायेगा। दीपावली से पूर्व अर्थात 12 नवम्बरको धनतेरस व 13 नवम्बर को छोटी दीपावली व दीपावली से एक दिन पश्चात 15 नवम्बर को गोवर्धन पूजा तथा 16 नवम्बर को भैयादूज का पर्व मनाया जायेगा। इस  त्यौहार के अवसर पर हिन्दू सम्प्रदाय के लोग अपने-अपने घरों को प्रकाशमय करते हैं तथा पटाखों एवं आतिशबाजी का प्रयोग करते है। धनतेरस व दीपावली के अवसर पर जगह-जगह उत्सव व मिलन समारोह मनाये जाते हैं। उक्त पर्वो को मनाये जाने के सम्बन्ध में वर्तमान में कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण के दृष्टिगत भारत सरकार एवं उ0प्र0 शासन द्वारा जारी एसओपी/गाइडलाइन्स के अनुपालन मे आदेश पूर्व में ही जारी किया जा चुका है। उक्त के अतिरिक्त इस अवसर पर व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु निम्नलिखित बिन्दुओं पर कार्यवाही किया जाना आवश्यक है ।
1- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्गत आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायें।
2- नगर मजिस्ट्रेट/समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट/क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत आतिशबाजी की दुकान एवं गोदामों का सत्यापन करा ले और उनके स्टाॅक रजिस्टर को संयुक्त रूप से अवलोकित करेे ।
3- केवल लाईसेंसधारी ही पटाखों का उत्पादन, भण्डारण व बिक्री करेंगे तथा लाईसेंस में दी गयी शतों का पूर्णतया पालन करेंगे। कोई भी उत्पादक लाईसेंस में दी गयी सीमा से अधिक पटाखों का उत्पादन नही करेगा।
4- पटाखों की कोई भी दुकान हाईटेंशन के विद्युत तारों के नीचे, बिजली के खम्बों के निकट व पैट्रोल/कैरोसिन पम्प के निकट नही लगायी जायेगी।
5- समस्त थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत स्थित आतिशबाजी की थोक एवं फुटकर विक्रेताओ की दुकानों एवं गोदामों पर सतर्क दृष्टि बनाये रखे तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्गत निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करायें।
6- बच्चों के स्कूलों में पटाखों के सम्बन्ध में पम्पलेट छपवाकर बाॅटे जायें। इसके अतिरिक्त सिनेमाहाल एवं केबिल टीवी पर स्लाईट/पटटी दिखायी जाये।
7- अग्निशमन यन्त्रों को तकनीकि रूप से ठीक रखा जायेगा।
8- अग्निरोधक दस्ते चैबीसों घण्टे के लिए प्रतिस्थापित किये जायेगें।
9- संवेदनशील स्थलों व जिन स्थानों पर सामुदायिक रूप से दीपावली का जश्न मनाया जाता है, की पहचान की जाये तथा निकटतम फायर स्टेशन चिन्हित किये जायें। पण्डालों में ज्वलनशील पदार्थो का उपयोग न किया जाये। ऐसे पण्डालों में अग्निरोधी यन्त्रों की व्यवस्था दीपावली उत्सव मनाने के अवसर पर अवश्य कर ली जाये।
10- शासकीय अस्पतालों में जले केस के ईलाज के लिए समुचित मात्रा में दवाई रखी जाये तथा अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था पर्याप्त संख्या में रखी जाये। इसके अतिरिक्त चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ डयूटी के लिए चैबीसों घण्टे तैयार रहने की व्यवस्था की जाये।
11- शान्त क्षेत्र में किसी भी समय आतिशबाजी न की जायें। शान्त क्षेत्र-अस्पताल, शैक्षिक क्षेत्र, न्यायालय, धार्मिक स्थल, सक्षम प्राधिकारी द्वारा घोषित अन्य किसी क्षेत्र से 100 गज की परिधि का क्षेत्रफल होगा।
12- नगर मजिस्ट्रेट एवं उप जिला मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्र के क्षेत्राधिकारियों तथा थाना प्रभारियों/थानाध्यक्षों, फायर बिग्रेड तथा अन्य सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों के साथ पटाखों की बिक्री हेतु स्थल का चयन समय रहते कर लें एवं पटाखें आदि सामग्री बिक्री करने वाले व्यक्तियों को विश्वास में लेकर गत वर्षो की भाॅति ही उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करेगें।
13- पटाखों की बिक्री का अस्थायी लाईसेंस गत वर्षो की भाॅति निर्धारित स्थान एवं उसकी गुणवत्ता तथा क्षमता की जाॅच कर नगर क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट एवं अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत उप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दिया जाएगा।
14- उक्त त्योहारों के अवसर पर बरती गयी असावधानी से आग लग जाने की घटनायें घटित हो जाती है जिन पर समय रहते नियंत्रण न पाने पर वे भीषण रूप धारण कर सकती है। अतः ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए अग्नि शमन के अधिकारी सदैव तत्पर रहें।
15- दीपावली व धनतेरस के अवसर पर अधिकतर लोग शाम को बाजारों व मालों के लिये निकलते है,जिससे शहर में यातायात का दबाब काफी बढ जाता है। ऐसे मौकों पर यातायात की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
16- इन त्यौहारों के अवसरों पर सरकारी चिकित्सालयों को तत्काल आपातकालीन सेवायें उपलब्ध कराये जाने हेतु जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी यह सुनिश्चित कर ले कि चिकित्सालयों में समुचित दवा आदि उपलब्ध रहें। विशेषकर आंख एवं बर्न यूनिट के विशेषज्ञ उपस्थित रहें।
17- इस पर्व पर कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर पर्याप्त पुलिस बल एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियों की तैनाती करने की कृपया व्यवस्था करें।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि दीपावली का पर्व हिन्दूओं के मुख्य पर्वो में एक पर्व है जो हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। वर्तमान में कोविड-19 के दृष्टिगत त्यौहार को शान्तिमय एवं साम्प्रदायिक सद्भाव के वातावरण में मनाये जाने के उद्देश्य से उक्त अवसर पर शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखना आवश्यक है। उक्त अवसर पर असामाजिक तत्वों द्वारा साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने का प्रयास करने वालों को चिन्हित कर इस अवसर पर विशेष सतर्कता एवं चैकसी बरती जानी आवश्यक है।
उक्त पर्व पर समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट/अधिकारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपने क्षेत्र की स्थिति से अपने को अवगत रखें। संवेदनशील स्थानों पर शान्ति व्यवस्था हेतु विशेष ध्यान दें, यदि आवश्यकता समझें तो क्षेत्र के सभी सम्प्रदायों के सम्भ्रान्त बुद्धिजीवियों एवं प्रमुख व्यक्तियों का भी सहयोग प्राप्त किया जाए। प्रभारी अधिकारी, स्थानीय निकाय समस्त नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतों के क्षेत्रान्तर्गत सफाई/पानी आदि की विशेष व्यवस्था करने तथा पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु सम्बन्धित अधिशासी अधिकारियों को कडे निर्देश निर्गत करें। अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत वितरण मण्डल-नगरीय/ग्रामीण इस पर्व पर अबाधित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करायेेगे। उक्तावसर पर समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत आवश्यकतानुसार खण्ड विकास अधिकारी चकबन्दी अधिकारी/तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों तथा कानूनगो/लेखपालों की तैनाती कर इस कार्यालय को अवगत कराये। सम्पूर्ण नगर क्षेत्र के प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट होगे तथा सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट अपनी-अपनी तहसील में तैनात रहेगे। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाये।

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