उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खण्ड स्नातक/शिक्षक निर्वाचन को वीडियो निगरानी टीम हेतु प्रभारी अधिकारी नियुक्त

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जयाराजन ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खण्ड स्नातक/शिक्षक निर्वाचन 2020 को निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सार्वजनिक रैलियां, जुलूस आदि की वीडियो रिकाॅर्डिंग करने के लिए वीडियो निगरानी टीम हेतु बुढाना प्रातः 6.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक योगेन्द्र सिंह पशुधन प्रसार अधिकारी मोबाइल नम्बर 9793397076, सायं 6.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक नवीन कुमार सैनी पशुधन प्रसार अधिकारी मोबाइल नम्बर 8273920057, सदर प्रातः 6.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक संत कुमार पशुधन प्रसार अधिकारी मोबाइल नम्बर 9837916658, सायं 6.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक अनिल कुमार पशुधन प्रसार अधिकारी मोबाइल नम्बर 9897306626, खतौली प्रातः 6.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक राजकुमार पशुधन प्रसार अधिकारी मोबाइल नम्बर 9759276827, सायं 6.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक श्री जितेन्द्र कुमार पशुधन प्रसार अधिकारी मोबाइल नम्बर 9837755306, जानसठ प्रातः 6.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक रविन्द्र सिंह सालार पशुधन प्रसार अधिकारी मोबाइल नम्बर 9897262956, सायं 6.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक लोकेश सैनी सहायक विकास अधिकारी(एस0के0) बुढाना मोबाइल नम्बर 9760133223, रिजर्व संजीव कुमार पशुधन प्रसार अधिकारी मोबाइल नम्बर 9917202606 को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि वीडियो निगरानी टीम द्वारा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण पर अनुदेश पुस्तिका में दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। यह वीडियो निगरानी टीम प्रत्येक प्रत्याशी अथवा राजनैतिक दलों द्वारा आयोजित की जाने वाली रैली/जूलूस/जनसभाओं के प्रचार-प्रसार सम्बन्धी सभी घटनाओं की वीडियोग्राफी करेगी। वीडियो निगरानी टीम के सदस्यों द्वारा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण निर्देश में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत शूटिंग के प्रारम्भ में घटना का नाम और प्रकार, तारीख, स्थान और घटना का संचालन करने वाली पार्टी और अभ्यर्थी का नाम स्वर प्रणाली (वाॅयस मोड) में रिकार्ड करना होगा। वीडियों इस तरह लिया जायेगा कि प्रत्येक वाहन का साक्ष्य, निर्माण और रजिस्ट्रेशन संख्या, फर्नीचर रोस्ट्रम, बैनर, कटआउट इत्यादि स्पष्ट दिखायी दें जिससे व्यय का अनुमान लगाया जा सके। जहां भी सम्भव हो, ड्राईवर एवं पैसेंजर का ब्यान भी रिकार्ड किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि घटना की शूटिंग के दौरान वीडियो टीम को घटना में प्रयोग किये गये वाहनों, कुर्सियों, फर्नीचर/लाईट/ लाउडस्पीकर आदि की अनुमानित संख्या और प्रकार, कार्यक्रम में प्रयुक्त रोस्ट्रम, बैनर, पोस्टर, कटआउट आदि के अनुमानित आकार का विवरण देते हुए आवाज में भी रिकार्ड करना होगा, जिससे वीडियो निगरानी टीमों को दृश्यों के संदर्भ में दुतरफा जांच कर लेने और घटना का व्यय का अनुमान लगाने में आसानी होगी। निगरानी टीम भाषण और अन्य घटनाओं को भी रिकाॅर्ड करेगी जिससे पता लगाया जा सके कि कहीं आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने बताया कि टीम द्वारा संलग्न प्रारूप-7 (क्यू शीट) को भरा जायेगा। इस प्रारूप को निगरानी टीम आवश्यक मात्रा में अपने साथ रखेगें। वीडियो सीडी में पहचान संख्या, दिनांक, कर्मचारी या अधिकारी का नाम होगा और इसे हमेशा संकेत पत्र के साथ रखा जायेगा। संकेत पत्र के रख-रखाव का उद्देश्य है कि सीडी में उपलब्ध साक्ष्यों को सरसरी तौर पर देख लिया जाये और साक्ष्यों के संगत भाग को संक्षिप्त समय में देख लिया जाये। घटना की वीडियो तैयार करने के पश्चात् वीडियों उसी दिन रिटर्निंग आफिसर/वीडियो अवलोकन टीम को इससे संबंधित सीडी पर दिनांक, घटना का प्रकार, समय तथा स्थान आदि अंकित कर उपलब्ध कराया जायेगा।

Related posts

Leave a Comment