जीवनसाथी के हाथों जल ग्रहण करके सुहागनों ने खोला अपना करवाचौथ का व्रत

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य का व्रत करवाचौथ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुहागनों ने हर्षोल्लास के साथ मनाया और दिनभर निर्जलाव्रत रखने के बाद राज को चांद देखने के बाद अपने सुहाग के हाथों जल पीकर व्रत खोला।
आज सुहागनों को करवाचौथ का व्रत उस समय कुछ लम्बा हो गया, जब व्रत खोलने के समय चांद को बादलों ने ढक लिया। पंचांग के अनुसार चन्द्रोदय के निर्धारित समय आठ बजकर बावन मिनट पर सभी सुहागनें पूजा का थाल लेकर चांद का दीदार करके व्रत खोलने का इंतजार कर रही थी, लेकिन चंदा भी आज सुहागनों का मानों इम्तहान लेने पर ही तुल गया था। चांद बादलों के बीच छुप गया, लेकिन सुहागनों के व्रत का प्रताप कहें या कुछ और लेकिन वे करवाचौथ का व्रत रखने वाली सुहागनों की नजर से नहीं बच सके और घने बादलों के बीच छुप चांद को उन्होंने देख ही लिया। चांद के दीदार के बाद सुहागनों ने अपने सुहाग के हाथों जल ग्रहण करके अपना व्रत खोला।
बता दें कि मोटे तौर पर करवाचौथ का व्रत दिवाली से 10 या 11 दिन पहले आता है। इस दिन महिलाएं अपने जीवनसाथी के दीर्घ और सुखी जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस दिन व्रत रखने वाली सुहागनें चंद्रमा को देखकर अपने जीवनसाथी के हाथों जल ग्रहण करके व्रत को पूरा करती हैं।

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