कूर्मि समाज ने किया दहेज, मृतक श्राद्ध, मृत्यु भोज, जादू-टोना समेत कई सामाजिक कुरीतियों से लड़ने का आहवान


अमित कुमार पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा की पूर्व निर्धारित आवश्यक सभा स्थानीय आमगोला ओरियन्ट क्लब स्थित डाॅ.आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय की सदस्य डाॅ गायत्री सिंह पटेल के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें महासभा ने समाज के विकास और मजबूती के लिए सदियों से चली आ रही अवैज्ञानिक कुरीतियों, जैसे-मृतक श्राद्ध, मृत्यु भोज, जादू-टोना समेत अन्य पाखंड को समाप्त करने का आहवान करने समेत सर्वसम्मति करीब डेढ़ दर्जन फैसले से लिये। सभा में पटेल सेवा संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ समाजसेवी हरिओम प्रसाद सिंह, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल, बिहार पटना हाई कोर्ट के महाधिवक्ता रामबालक महतो के असामयिक निधन को समाज का क्षति बताते हुए सदस्यों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।


सभा का आरम्भ राष्ट्र निर्माता सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्वलित करते हुए मुम्बई से पधारे अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी कौशल किशोर आर्य ने बतौर मुख्य अतिथि की। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी और बिहार विश्वविद्यालय के ट्रेड यूनियन के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र पटेल तथा संचालन अधिवक्ता प्रभात कुमार सिन्हा ने किया। सीनेट सदस्य डाॅ गायत्री सिंह पटेल के द्वारा मुख्य अतिथि कौशल किशोर आर्य का अभिनन्दन-स्वागत करते हुए श्री आर्य से मुजफ्फरपुर समेत बिहार के अन्य जिले में समाज के विकास और मजबूती के लिए अपना मार्गदर्शन नियमित रूप से देते रहने के लिए आग्रह किया गया। सभा में राजेन्द्र पटेल, भूपेन्द्र कुमार, अमित कुमार पटेल, श्याम कुमार पटेल, कन्हाई पटेल समेत सभी सदस्यों ने कौशल किशोर आर्य के पटेल सेवा संघ के जिला महासचिव और अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष, आर्य समाज के उपमंत्री, लव कुश महासभा के जिला महासचिव समेत अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी रहकर किये गये सेवाओं को अभूतपूर्व और यादगार बताया। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर (बिहार) का बेटा कौशल किशोर आर्य अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पद को शोभायमान कर रहे हैं, यह मुजफ्फरपुर समेत बिहार के कूर्मि समाज के लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेतृत्व कौशल के धनी कौशल किशोर आर्य के हमारे बीच उपस्थित होने से हम लोगो में नई स्फूर्ति और ऊर्जा का संचार हो गया है।


कौशल किशोर आर्य ने कूर्मि जाति की इतिहास को पढ़ने, शोध करने के लिए हर व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए अपील करते हुए कूर्मि जाति के इतिहास को कूर्मवंशज से होना बताया, जिसकी ऋग्वेद तक में चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि कूर्मि जाति ईमानदार, स्वाभिमानी, कर्मशील, कर्मठ,दृदृढ़ निश्चयी, श्रमशील, कृषक के रूप में देश के विभिन्न राज्यों में राज करने के साथ ही समाज, देश और दुनियां को प्रेम, अहिंसा, सहयोग, भाईचारें और समतामूलक समाज के निर्माण के संदेश देने वाली जाति है। इसका प्रमाण स्वयं गौतम बुद्ध, स्वामी महावीर, दक्षिण भारत के महाबली हनुमान, राजा शंकर, बलिराजा, राजा भोज, राजा कृष्णदेव राय, महाराष्ट्र के राजा सादिक सिंधिया, राजमाता जीजाबाई, समता-समानता और स्वराज्य के जनक छत्रपति शिवाजी महाराज, संत तुकाराम, आरक्षण के जनक और कोल्हापुर के राजा छत्रपति राजर्षि शाहूजी महाराज, गुजरात के महान स्वतंत्रता सेनानी डाह्याभाई पटेल, द प्रेसिडेन्सी के नाम से प्रसिद्ध बिट्ठल भाई पटेल, राष्ट्र निर्माता लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, बिहार के शहीद रामफल महतो, वीरचन्द्र पटेल, फणिश्वर नाथ रेणु, आरएल चन्दापुरी, उत्तर प्रदेश के राजा जयलाल सिंह, अर्जक संघ के संस्थापक रामस्वरूप वर्मा, डाॅ सोनेलाल पटेल, पत्रकारिता को नया आयाम देने वाले छतीसगढ़ के कूर्मि कुल गौरव खुबलाल बघेल हैं। कौशल किशोर आर्य ने कहा कि कुर्मी बन्धु आज कई राज्यों के मुख्यमंत्री हैं और पूरी दुनियां में अपने कौशल का डंका बजा रहे हैं, परन्तु विभिन्न शाखाओं और उपजातियों में बंटी कूर्मि जाति देश की कुल आबादी का 20-22 प्रतिशत (करीब 32 करोड़) है। इतनी बड़ी आबादी के हिसाब से कूर्मि समाज को संगठित होकर देश की सत्ता पर अधिकार करने का अधिकार है।


श्री आर्य ने उत्तर भारत से दक्षिण भारत और पूर्व भारत से पश्चिम भारत में पंचायत या वार्ड से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा को मजबूत करने के लिए सभी कूर्मि संगठनों का महासभा में विलय करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में बांधा था। इय अवर कई प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिनमें मृतक श्राद्ध, मृत्यु भोज, जादू टोना समेत अन्य सभी परंपरागत सामाजिक कुरूतियों को समाप्त करने, पाखंडवाद और ब्राह्मणवाद से दूरी बनाने के लिए प्रति वर्ष 101 कूर्मि मित्रों को आर्य समाज के माध्यम से पुरोहित प्रशिक्षण शिविर आयोजित करके समाज को देने, विवाह और अन्य समारोह कार्यक्रमों में दिखावा -फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और खासकर समाज के गरीब बेटियों के विवाह बिना बाधा के कराने के लिए प्रतिवर्ष दो -तीन बार जिले स्तर पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने, मुजफ्फरपुर के अतरदह स्थित कुर्मी हितकारिणी न्यास समिति के 8 कठ्ठें के जमीन पर सरदार पटेल भवन निर्माण करने, कूर्मि समाज के विकास और मजबूती के लिए कूर्मि बंधुओं के दुकानों से खरीदारी करने समेत अन्य सेवाएं लेने पर प्राथमिकता देने, रायपुर (छतीसगढ़) में आयोजित किये जाने वाले अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन और आम सभा के चुनाव में अधिकाधिक संख्या में कूर्मि बंधुओं को शामिल होने, केन्द्रीय समिति के दिशा निर्देशों के अक्षरशः पालन करने, कूर्मि समाज के विकास और मजबूती के लिए शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, बौद्धिक, वैचारिक, मानसिक, सांगठनिक और राजनैतिक मजबूती पर बल देने के लिए कूर्मिवाद के रास्ते पर चलने का संकल्प शामिल हैं।
सभा में तीन दर्जन कूर्मि समाज के लोगों को सदस्यता ग्रहण कराकर श्री आर्य ने अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के सदस्यता अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अपील की, कि मार्च 2021 तक करीब दो लाख लोगों को सदस्य बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी लोग जी-जान से जुट जायें।


सभा के अन्त में धन्यवाद ज्ञापन पूर्व प्रबंधक वैशाली क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने किया। सभा में ललित कुमार सिंह अधिवक्ता, शशिभूषण कुमार पटेल, दिनेश कुमार, नन्दकिशोर आर्य, अजय कुमार, राकेश पटेल, मनीष कुमार सिंह, प्रभात पटेल, नीरज सिंह, सुबोध कुमार, रवि रंजन कुमार, प्रशान्त कुमार, रजनीश कुमार, राकेश पटेल, रविकान्त सिंह, मनीष कुमार पटेल, नवीन कुमार, ने प्रमुख मुख्य से अपने विचार रखें।

जिला मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा, मुजफ्फरपुर बिहार

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