कोरोना से बचाव को दो गज दूरी और मास्क पहनना जरूरी, बढ़ रही ठंडक, रहें सतर्क : डा. त्रिखा

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। सर्दी शुरू हो चुकी है। मौसम लगातार बदल रहा है। दिन और रात के तापमान में करीब 20 डिग्री सेल्सियस का अंतर हो जाता है। दिन में गर्मी और रात को ठंड हो जाती है। दिन की गर्मी देखकर लोग रात की सर्दी के प्रति लापरवाह हो जाते हैं, यही लापरवाही बीमारी का कारण बन जाती है। यह कहना है जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ योगेंद्र त्रिखा का। उनका कहना है कि कोरोना काल में बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत जिला अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचे रहने के लिए दो गज दूरी और मास्क पहनना जरूरी है, इसका सभी को ध्यान रखना चाहिए।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ योगेंद्र त्रिखा ने बताया इन दिनों सर्दी, जुकाम और बुखार के रोजाना करीब तीन सौ मरीज अस्पताल आ रहे हैं। बदलता मौसम  दमा, ब्लड प्रेशर, ह्रदय रोगियों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। इस समय कोरोना का संक्रमण भी फैला हुआ है। वायु प्रदूषण का स्तर भी बेहद खराब स्थिति में है। ऐसे में हमें बीमारियों से बचने के लिए अपनी सेहत प्रति सचेत रहना होगा। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

बच्चों का रखें ख्याल

बढ़ती ठंड में बच्चों का ख्याल रखने की हिदायत देते हुए डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने कहा कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बच्चों के ठंड की चपेट में आने की आशंका अधिक होती है। इससे बचने के लिए बच्चों को गर्म पानी पिलाएं, गर्म कपड़े पहनाकर ही बाहर भेजें।

बीमारी को नजर अंदाज न करें

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रवीण चोपड़ा ने बताया बदलते मौसम में स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने लगती हैं। ऐसे में जब कोविड 19 का संक्रमण चल रहा है तब सर्दी, जुकाम, खांसी, अस्थमा जैसी बीमारियों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। किसी भी बीमारी के लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

बीमारियों से बचाव को क्या करें

1 सुबह व रात की ठंड से बचें।
2गर्म कपड़े पहनें।
3गर्म पानी पिएं और गर्म भोजन का सेवन करें।
4 ठंडी चीजों का इस्तेमाल का न करें।
5सर्दी-जुकाम होने पर चिकित्सक की सलाह लें।
6 हमेशा मुंह पर मास्क लगा कर निकलें।

जिला अस्पताल में आने वाले रोगियों की संख्या

दिनांक               ओपीडी
2 नवंबर              1113
3 नवंबर              1296
4 नवबर              1156
5 नवंबर              1228

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