एसडी कालेज ऑफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी में दीपावली के उपलक्ष में काव्य गोष्ठी आयोजित


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। एसडी कालेज ऑफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी में संस्कार भारती (सृजन) के तत्वाधान में शुभ पर्व दीपावली के उपलक्ष में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी का शुभारंभ संस्कार भारती के प्रान्तीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार आचार्य, विधा प्रमुख डा0 अ0 कीर्तिवर्धन एवं संस्कार भारती (सृजन) के संरक्षक डा0 एसएन चौहान, अध्यक्ष देवेन्द्र दहिया, सचिव पंकज शर्मा ने सरस्वती माँ के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके किया।
इस अवसर पर डा0 अ0 कीर्तिवर्धन की दो पुस्तकों नेपाली में अनुदित प्रत्येक विहान सुबह सवेरे और साहित्य साधना एवं व्यक्त्तिव का लोकार्पण भी किया गया। प्रख्यात एवं सुप्रसिद्ध कवि डा0 अ0 कीर्तिवर्धन की सुपरिचित रचना प्रत्येक विहान सुबह सवेरे का मैथिली और कन्नड़ में भी अनुवाद हो चुका है। महेन्द्र आचार्य जी ने संस्कार भारती के गठन एवं उददेश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को जन जन तक पहुँचाने के उददेश्य से वर्ष में छह उत्सव आवश्यक रूप से मनाये जाते हैं, जिनमें दीपोत्सव भी एक है। डा0 अ0 कीर्तिवर्धन ने संस्कार भारती इकाई को साहित्य, संगीत और पर्यावरण को समर्पित करते हुये कहा कि यह इकाई अपने सदस्यों एवं पदाधिकारीयों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित कर संस्कारों की अलख जगाने के लिये साहित्यिक चर्चा संगीत एवं पर्यावरण विषयक मुददों को ध्यान में रखकर भारतीय परंपराओं एवं संस्कारों के अनवरत प्रवाह के लिये कटिबद्ध है।


संस्कार भारती के संरक्षक डा0 एसएन चौहान ने कहा कि कोई भी समाज अथवा राष्ट्र अपनी संस्कृति एवं संस्कारों को भुलाकर जीवित नही रह सकता है। भारतीय संस्कृति विश्व की पुरातन संस्कृतियों में से एक है। जिसका मूल है वसुधैव कुटुम्बकम। सर्वे भवन्तु सुखिनः भी भारतीय संस्कृति का बीज मंत्र है। लेकिन विगत शताब्दी में भारतीय जनमानस में अपनी संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति आस्था एवं विश्वास में क्षरण हुआ है। आज संस्कार भारती जैसी संस्थाऐं विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों की पुर्नस्थापना में संलग्न है और यह प्रत्येक भारतीय का दायित्व है कि हम अपनी संस्कृति को आत्मसात करें जो दिव्य है, विशिष्ट है एवं अनुकरणीय है। काव्य गोष्ठी में 18 कवियों ने काव्य पाठ किया पंकज शर्मा की कविता-‘‘रहे सुरक्षित देश के रक्षक और खुशहाल किसान रहे, भारत माँ की सदा ही जय हो अमिट ये हिन्दुस्तान रहे‘‘ ने सभी श्रोताओं को प्रभावित किया।


कार्यक्रम का संचालन संस्कार भारती के सचिव पंकज शर्मा और उपाध्यक्ष प्रतिभा त्रिपाठी ने संयुक्त रूप् से किया। इस अवसर पर विकुल शर्मा, रामकुमार रागी, डा0 एके गौतम, डा0 प्रगति शर्मा, सपना अग्रवाल आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

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