लोगों ने देखा चांद का दिलकश नजारा, 31अगस्त, 2023 को देखा जाएगा अगला Blue Moon

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। पूर्णिमा का चांद वैसे ही बहुत लुभावना होता है लेकिन शनिवार को ब्लू मून था इसलिए चांद अपने अलौकिक रूप में नजर आया। इस दुर्लभ अवसर का लाभ छोटे बड़े सब ने उठाया। किसी ने छत से नजारा लिया तो किसी ने आंगन से।
इंदिरा गांधी नक्षत्र शाला के वैज्ञानिक अधिकारी सुमित श्रीवास्तव बताते हैं कि अक्टूबर माह में यह दूसरी पूर्णिमा थी। इसके पहले एक अक्टूबर को पूर्णिमा हो चुकी थी। एक ही माह में जब दूसरी बार पूर्णिमा होती है तो चांद ब्लू मून कहलाता है। यानी वर्ष में 12 पूर्णिमा के बाद होने वाली अतिरिक्त पूर्णिमा को ब्लूमून कहते हैं। ब्लू मून का अर्थ यह नहीं कि चांद नीला दिखाई देता है बल्कि ऐसा आभास होगा कि चांद नीलिमा लिए हुए है। सुमित बताते हैं कि चंद्रमा का रंग वायुमंडल में उपस्थित छोटे कणों के आकार पर निर्भर करता है। वायुमंडल में उपस्थित कणों का आकार जब उस रेंज में आ जाते हैं जिससे चंद्रमा का रंग नीला दिखाई देने लगता है।शनिवार का चांद इसलिए भी खास था क्योंकि यह केवल ब्लू मून ही नहीं, हंटर्स व माइक्रो मून भी था। दरअसल अक्टूबर महीने की पूर्णिमा के चांद को हंटर्स मून भी कहते हैं। चूंकि अक्टूबर की शुरुआत हार्वेस्ट मून से हुई थी ऐसे में अक्टूबर माह की दूसरी पूर्णिमा के चांद को हंटर मून कहा गया। वहीं माइक्रो मून, सुपर मून के विपरीत होता है जिसमें चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर की अवस्था में होता है। इस दिन पूर्णिमा के समय चंद्रमा का आकार सुपर मून के चंद्रमा के आकार के मुकाबले 14 प्रतिशत छोटा और 30 प्रतिशत कम चमकीला होगा। अगला ब्लू मून 31 अगस्त 2023 को देखा जाएगा।

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