यहाँ कौन किसका प्यारा है

डॉ. राजेश पुरोहित, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

दुनिया की नज़रों में फ़क़त दौलत ही सहारा है।
मगर गम बाँट कर देखो यहाँ कौन किसका प्यारा है।।
लहू से सींच कर जिसको बैरी से बचाया है।
वो कश्मीर जन्नत से भी प्यारा हमारा है।।
झुकाते सिर जिसे हम रोज ,वो जान से प्यारा है।
शहीदों ने जिसे सींचा वो हिंदुस्तान हमारा है।।
दुनिया की नज़रों में फ़क़त दौलत ही सहारा है।
मगर गम बाँट कर देखो यहाँ कौन किसका प्यारा है।।
तिरंगे की हिफाज़त में जिसने जीवन गुजारा है।
सही मायने में वो ही सपूत देश का सबसे प्यारा है।।
जय हिन्द बरसों से जुबां पर केवल  एक नारा है।
हमें तो हमारा  हिन्दुस्तान ही फ़क़त लगता सितारा है।।
भवानीमंडी, राजस्थान

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