दिलीप भाटिया ने दिया संदेश: जिद करो, दुनिया बदलो की तर्ज पर करें परीक्षाओं की तैयारी

शि.वा.ब्यूरो, रावतभाटा। गायत्री बाल संस्कार शाला के विद्यार्थियों को ऑनलाइन संबोधन में दिलीप भाटिया ने संदेश दिया कि असफलता अनुत्तीर्ण फैल जैसे नकारात्मक शब्दों को भूल जाओ। किसी भी परीक्षा में हम सफल उत्तीर्ण होते हैं अथवा सीख मिलती है। अपनी गलतियों कमियों का मूल्यांकन कर सुधार कर दुबारा प्रयास करें तो सफलता अवश्य मिलेगी ही। गलतियों को सुधारना आवश्यक है। उन्होंने प्रेरणाप्रद पुस्तक जिद करो, दुनिया बदलो की पीडीएफ फाइल सभी प्रतिभागियों को उपहार स्वरूप वॉट्सएप पर प्रदान की।
दिलीप भाटिया ने कहा कि 2021 में होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं जेईई मेंस नीट रीट पटवारी सीटैट स्कूल शिक्षा इत्यादि के लिए पिछले सिलेबस के अनुसार तैयारी करना चाहिए। नोटिफिकेशन की प्रतीक्षा नहीं करें। उन्होंने कहा कि 75 प्रतिशत सिलेबस वही रहने की संभावना है। नया पाठ्यक्रम आने पर कुछ ही नए टॉपिक पढ़ने होंगे। अभी से तैयारी करना समय बचायेगा और तनाव भी नहीं होगा। इस पुस्तक के अंतिम पृष्ठ में जो सार दिया गया है वह भी दिलीप ने विस्तार से समझाया। इस सार संदेश की फोटो अपनी स्टडी टेबल पर पेस्ट कर लें और मन लगाकर पढ़ाई प्रारम्भ कर समय का सदुपयोग करें।
दिलीप भाटिया ने प्रतियोगिता परीक्षाओं के उम्मीदवारों को ऑनलाइन संबोधन में संदेश दिया कि इस समय शिक्षण एवं कोचिंग संस्थान बंद हैं। ऑनलाइन शिक्षा में नेटवर्क बिजली नहीं होने पर व्यवधान उत्पन्न हो जाता है एवम् क्लासरूम वाली गुणवत्ता नहीं मिल पाती। कई विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के लिए उचित संसाधन का भी अभाव है। ऐसी स्थिति में सेल्फ स्टडी ही एकमात्र विकल्प है। सेल्फ स्टडी करने का तरीका है एक लेशन को पढ़िए। पुस्तक बंद करके एक पेज में लिखिए क्या पढ़ा है। नहीं लिख पा रहे हैं तो दुबारा पढ़कर लिखने का प्रयास करिए। इस क्रम को तब तक रिपीट करें जब तक बिना पुस्तक में देखे लेसन का सारांश सही लिख लें। प्रत्येक गतिविधि के समान सेल्फ स्टडी में भी सफलता प्राप्त करने का यही फार्मूला है। अपनी गलतियों को सुधार कर प्रयास करते रहें लिखने में सफलता से आत्मविश्वास बढ़ेगा। रटने की आवश्यकता नहीं होगी। लिखित नोट्स परीक्षा के समय रिवीजन करने में मदद करेंगे। कोचिंग ट्यूशन पर निर्भरता कम होगी एवम् आत्म निर्भर बन परीक्षा में अच्छे नंबर प्राप्त करने की संभावना बढ़ जायेगी। घर में ही पूरे समय रहने से सेल्फ स्टडी के लिए पूरा समय मिल रहा है। समय का सार्थक सकारात्मक सदुपयोग है इस समय सेल्फ स्टडी का अभ्यास करना। इस बोनस समय का अधिकतम सदुपयोग करें। लक्ष्य प्राप्ति अवश्य होगी।

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