सावधान! आप पत्रकार हैं तो जेल अधीक्षक से मुलाकात के लिए उनके गनर को देना होगा इंटरव्यू

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। अगर आप पत्रकार हैं और आपको जेल अधीक्षक से मुलाकात करनी है तो आपको जेल अधीक्षक के गनर को इंटरव्यू देना होगा और यदि उन्होंने आपको इंटरव्यू में पास कर दिया तो आपकी मुलाकात जेल अधीक्षक कराये जाने पर विचार किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों के किन-किन सवालों का आपको सामना करना पड़ सकता है, उसका वहां जाये बिना आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते।
वर्तमान में कैदियों से मिलने के नियमों में सख्ती हो या न हो, लेकिन किसी पत्रकार की जेल अधीक्षक से मुलाकात के नियमों में भरपूर सख्ती बरती जा रही है। जेल अधीक्षक से मिलने के लिए पत्रकार को उनके गनर सहित कई कर्मचारियों को इंटरव्यू देना पड़ सकता है। इसके बाद भी ये उनकी मर्सी पर निर्भर करता है कि वे आपका संदेश जेल अधीक्षक पहुंचायेंगे या नहीं। ये कोई हवा-हवाई बातें नहीं हैं, बल्कि पूरी तरह से सच हैं।
हुआ यूं कि किसी मामले में जेल अधीक्षक का पक्ष जानने के लिए जनपद में प्रसारित सर्वाधिक प्रसार वाले मल्टी एडिशन कई समाचार पत्रों में जिला प्रमुख की भूमिका निभा चुके वरिष्ठ पत्रकार के साथ एक अन्य मान्यता प्राप्त पत्रकार जेल अधीक्षक से भेट करने पहुंचे तो वहां मौजूद गनर ने उनका इंटरव्यू लेने के बाद फरमान सुना दिया कि वे तो उन्हें जानते ही नहीं है, इसलिए………। इसके बाद वहां मौजूद एक अन्य कर्मचारी ने अहसान करने जैसी मुद्रा में किसी कर्मचारी को दोनों पत्रकारों का विजिटिंग कार्ड जेल अधीक्षक तक पहुंचाने के कहा, उस कर्मचारी ने कार्ड तो ले लिए, लेकिन उन्हें जेल अधीक्षक तक पहुंचाया ही नहीं। तो अगर आप पत्रकार हैं तो………।
जानकारों की मानें तो जेल में अक्सर कई गम्भीर अनियमितताओं की खबरे आती रहती हैं। कई बार शिकायतों के बाद अफसरों द्वारा किये औचक निरीक्षणों में ऐसी अनियमितताएं समाचार पत्रों की सुर्खियां बनती रहती हैं। शायद इन्हीं कारणों से जेल अधीक्षक ने पत्रकारों से मिलने के नियमों सख्ती बरतने के निर्देश अपने अधीनस्थों को दे रखे हों।

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