हर बहस, बहस के काबिल नही

डॉ. रमाकांत क्षितिज, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

कई बार हम हर किसी से बहस कर लेते है। यह जानने की बिल्कुल कोशिश नही करते कि जिससे हम बहस कर रहे है, वह इस बहस के काबिल है भी या नही। यहाँ यह भी ध्यान देना है कि हम जिससे बहस कर रहे है, हम भी उससे बहस करने के काबिल है या नही। बहस के विषय पर हमें या उसे बेसिक जानकारी है भी या नही। यदि नही तो बहस करना समय बर्बाद करना है। कभी हम अपना या कभी उसका समय बर्बाद कर रहे होते है। हर किसी को बहस करने की जल्दी पड़ी है। विद्द्वान कहते है कि काम, क्रोध, मद, लोभ से कोई नही बच सकता। मुझे लगता है कि अब इसमें सुधार की आवश्यकता है।

एक बात और जोड़नी चाहिए कि वह है “बहस करना” बहस से बचना भी काम, क्रोध, लोभ, मद से बचने जैसा ही है। अच्छे अच्छे ज्ञानी बेफजूल की बहस करते मिल जायेंगे। बहस कैसी हो उसका मापदंड क्या हो,
इस पर भी लम्बी बहस हो सकती है। बहस नई नई चीजों को बातों को जन्म देती है, जिसे हम विकास मानते है, उसके पीछे भी बहस का ही महत्व है, जिन्हें हम अच्छी बातें मानते है,या बुरी बातें मानते है,उसके लिए भी बहस भी कारक होती है।

मुझे तो लगता है कि बहस के विषयों से यह जाना जा सकता है कि समाज किस दिशा में जा रहा है अथवा जाना चाहता है। समाज का युवा किस विषय पर बहस कर रहा है, इससे किसी समाज का भविष्य तय होता है। बुजुर्ग के विषय आमूमन बीती हुई बाते यादे होती है, जिस समाज या देश मे जिस विषय पर चर्चा होती है। समाज वैसा ही बन जाता है या यूं कहें वैसा ही होता है। बहस करना भी एक शौक है। कभी कभी यह शौक बीमारी बन जाती है, जिसका इलाज नही होता, हाँ कंट्रोल ज़रूर किया जाता है। बहस शुगर की बीमारी की तरह खत्म तो नही हो सकती, पर कंट्रोल की जा सकती है। शरीर के लिए शुगर का होना भी ज़रूरी है। बहस बिना समाज भी कमज़ोर हो जाएगा। अच्छी बहस के लिए भुलक्कड़ होना ज़रूरी है, जो बहस को याद रखेगा, वो शुगर से बीपी में कन्वर्ट हो जायगा।

समय-समय पर बहस के नियम बदलते रहते है। किसी ज़माने में बड़े बुजुर्गों से बहस करना मना था, अब फ़िलहाल ऐसा कोई नियम नही है। अब बहस के लिए सुनना ज़रूरी नही, सिर्फ बोलना आना चाहिए। अब तो बहस मनोरंजन का साधन भी है, इसमें टीआरपी के कारण आमदनी भी की जा रही है।

संकलन विनोद कुमार सीताराम दुबे संस्थापक इन्द्रजीत पुस्तकालय एवं सीताराम ग्रामीण साहित्य परिषद जुड़पुर रामनगर विधमौवा मड़ियाहूं जौनपुर उत्तर प्रदेश

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