विधानसभा चुनाव में 150 विधायकों के टिकट कटने की चर्चा से भाजपा में खलबली

हवलेश कुमार पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

ये कोई नई बात नहीं है कि जब-जब चुनाव की सुगबुगाहट होती है, नेता अपने लाभ-हानि का गणित बैठाते हुए पार्टियों की अदला-बदली के लिए उछलकूद करने लगते हैं, ऐसा ही कुछ नजारा वर्तमान में भी दिखने लगा है। केन्द्र व राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा में इस समय अफरा-तफरी का माहौल है, क्योंकि कहीं से उड़ती-उड़ती खबर आयी है प्रदेश में लगभग 150 वर्तमान विधायकों का टिकट कट सकता है। चर्चा तो ये भी है कि मुजफ्फरनगर जिले के तीन या चार विधायकों को टिकट से हाथ धोना पड़ सकता है। हालांकि कोई भी भाजपा संगठन का पदाधिकारी इसे कबूल नहीं कर रहा है। इससे इतर अभी तक ज्यादातर जिम्मेदार दावा कर रहे हैं कि स्टैंडिंग विधायकों का टिकट नहीं काटा जायेगा, लेकिन भाजपा संगठन के कुछ पदाधिकारी दबी जुबान से ये भी कहते सुने जा रहे हैं कि बिना आग के धुंआ नहीं उठता। अब इन बातों के क्या मायने हैं, जिसकी जो मर्जी हो वो निकाल ले, लेकिन फिलहाल भाजपा में पूरी तरह अफरा-तफरी को माहौल है और कोई भी अपने सुरक्षित नहीं मान रहा है।
मुजफ्फरनगर जनपद की बात करें तो विगत चुनाव में भाजपा को प्रबल जनमत मिला था और सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा हो गया था। चर्चा है कि आसन्न विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विधायकों का रिपोर्टकार्ड टटोले जाने के बाद जनपद के कम से कम तीन-चार विधायक आलाकमान की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं। माना जा रहा है कि इनका टिकट कट सकता है या बदला जा सकता है।
सूत्रों की मानें तो नये प्रत्याशियों को तलाश भी आरम्भ हो चुकी है। चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं ने जिम्मेदारों की परिकर्मा भी आरम्भ कर दी है। इस बार जनपद के ठाकुर समुदाय ने भी भाजपा से विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है। ठाकुर समुदाय का मानना है कि जनपद में कई विधानसभा सीटों पर उनकी खासी जनसंख्या है, लेकिन उन्हें हमेशा नजरअंदाज किया जाता रहा है, ठाकुर समुदाय भाजपा का पक्का वोट बैंक माना जाता है। इस बार ठाकुर समाज ने जनपद की कम से कम एक सीट पर अपनी हिस्सेदारी की डिमाण्ड़ कर रहा है।
सत्ता के गलियारों में तैर रहीं चर्चाओं की मानें तो जिस सीट पर जिस जाति या समुदाय के विधायक का टिकट काटा जायेगा या बदला जायेगा, वहां उसी जाति या समुदाय के व्यक्ति को ही टिकट दिया जायेगा। अगर इन चर्चाओं पर गौर किया जाये तो एक बात पूरी तरह से साफ हो जाती है कि भाजपा कुछ न कुछ तो पक रहा है, जिसकी पर्दादारी की जा रही है। दूसरी तरफ इन चर्चाओं से यह भी तय हो जाता है कि जनपद की एक विधानसभा सीट से टिकट की आस लगाये बैठे ठाकुर समाज को झटका लग सकता है।
अपना नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर दबी जुबान से कही गयी एक भाजपा नेता की बात पर विश्वास करें तो जनपद की मीरांपुर, पुरकाजी व खतौली विधानसभा सीट पर टिकट की दावेदारी कर रहे नेताओं की कतार काफी लम्बी है। चर्चा तो बुढ़ाना विधानसभा सीट के बारे में भी कमोबेस ऐसी ही है। हालांकि भाजपा हाईकमान अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि टिकट के बटवारे में क्या पाॅलिसी अपनायी जायेगी। सभी बाते अभी वक्त के गर्भ में हैं, लेकिन इतना तो अन्य पार्टियों की तरह भाजपा में कोल्ड़वार तेजी पर है और भले ही दबी जबान से ही, लेकिन इसे ज्यादातर लोग स्वीकार भी रहे हैं।

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