खेते म यूरिया नाही

डॉ. रमाकांत क्षितिज, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

खेते म यूरिया नाही
गोबर कय खाद डावात रहा
टयूबिल नहर से नाय
कुआं बैल पुर मोट से
खेत सीचात रहा
प्लास्टिक की पाइप से नाय
बरहा से पानी खेते म जात रहा
ट्रैक्टर से नाय
हल बैल से खेत जुतात रहा
मसीनी से नही
हंसिया से फसल कटात रहा
थ्रेसर से नाही
बैलन से दवरी म गोहू मडात रहा
राति म मनई दवरी म चलत रहा
बरदा संग मनई
कोल्हू की नाइ चलत रहा
कुदारी फरुहा हल जुआठ
सरावन हंसिया खुरपी खुरपा
खाँची पलरी डेलवा कुल्हरि
कुलहरा हल हर घर देखात रहा
ई सब हर घर म देखात रहा
गांव भरे कय हर
कबो कबो एक साथे जोतात रहा
मंगनी म हर बैल मिलत रहा
कय हर चलत बा
यहसे मनई कय रुतबा जनात रहा
गरीबन क एककव हर
कबो कबो नाही जुहात रहा
गुडे ख़ातिर कोल्हू
केहू केहू के जुहात रहा
एक दुई कोल्हू म
गांव भरे कय गुड़ बनत रहा
परे परोजने रजाई गद्दा
खटिया मचिया मंगनी देवात रहा
बरतन भाड़ा कलछुल चम्मच तक
मंगनी म जात रहा
गांव के लरिका से लइके
बिटिया बहिन माई काकी
काका बाबा दादा बाबू संगे
सब काज होत रहा
विआहे ,भोज कय भोजन
बिना मज़दूरी के बनत रहा
विआहे म परजा की ख़ातिर
दुइनव समधी म झगरा होत रहा
बियाहे म हर जाति कय
ज़रूरत परत रही
गरीबी म भी
मुड़न छेदन से लइके
तीज त्योहारे म सब का
भोजन बटत रहा
कबो कबो तव
कुर्ता धोती साईकिल भी
मंगनी देवात रहा
केहू कय ससुरार
गांव भरे कय ससुरार कहात रहा
केहू कय दामाद
गांव भरे कय दामाद कहात रहा
नाना के ख़ातिर दाना चबैना
केहू अउर घरे से अवत रहा
बुजुर्ग मज़दूरे क भी
बड़मनई कय पतोह
घुघट से इज़्ज़त देत रहीं
जय राम पायलागी
सब सबका करत रहा
बिआहे म दुलहा कय ज़ोराजामा
तक मंगनी मिलत रहा
मुरछल टाट तक मंगनी देवात रहा
पवपुजी म दुलहा कय गोड़
गांव भरे से धोआत रहा
खिचड़ी कलेवा पय
पूरा गांव जुटात रहा
शोभवने पय पूरा पवस्त
इक्कठा होत रहा
विकट ग़रीबी म भी
दीन ईमान रहा
सहयोग सँस्कार रहा
काका माई बाबू मामा मामी
नाना नानी रहा
ननिअउरे अजिअउरे कय महत्व रहा
फूफा जीजा मानि रहेन
इनकय बहुत सम्मान रहा
बुआ बहिनी कय मान रहा
आइया बाबा संगे पोता पोती
खेलत रहेन
नाना नानी संगे
नाति नातिन रमत रहेन
साझे सबेरे गांव भय मिलत रहेन
एक दूसरे के दुआरे जात रहेन
नमकीन चाय न सही
गुड़ चबैना रसे से आवभगत करत रहेन
अउर कुछ नाय तव
प्रेम से तव बोलत बतियात रहेन
तब केवल गांव नाही
समझा पूरा परिवार रहा
अइसन कबो हमार गांव रहा…

संकलन विनोद कुमार सीताराम दुबे संस्थापक इन्द्रजीत पुस्तकालय एवं सीताराम ग्रामीण साहित्य परिषद जुड़पुर रामनगर विधमौवा मड़ियाहूं जौनपुर उत्तर प्रदेश

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