पितरों को प्रणाम

विनोद कुमार सीताराम दुबे, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

पितरों को प्रणाम
पितर हमारे कुल के खातिर
जीवन भर संघर्ष किए
कुल की मर्यादा के खातिर
सब-कुछ अपना निछावर किया
हम बच्चों को उत्तम शिक्षा दे
आगे बढ़ने का का मार्ग दिखाया
पितरों ने हम-सब को सतपर
चलते रहने का बोध कराया
जाते-जाते घर-परिवार को
ज्ञानी और कुल रक्षक बनाया
आज पितर पक्ष के बेला में
पितरों को बारमबार प्रणाम

संस्थापक इन्द्रजीत पुस्तकालय एवं सीताराम ग्रामीण साहित्य परिषद जुड़पुर रामनगर विधमौवा मड़ियाहूं जौनपुर उत्तर प्रदेश

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