पत्थर

अ. कीर्ति वर्द्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

कितना भी कीमती हो हीरा,
पत्थर ही रहेगा,
संवेदनाओं से दूर परिवार में,
कलह ही करेगा।
बेहतर है रिश्तों को परखें,
मानवता की कसौटी,
टूट भी जायेगा अगर,
रिश्ता जहर तो न बनेगा।
मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

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