घर से लेकर खेतों तक डिजिटल व पेपरलेस बैंकिंग की सुविधा दे रहा डाक विभाग, वाराणसी परिक्षेत्र में एक दिन में खुले साढ़े आठ हजार से ज्यादा आईपीपीबी खाते

 

 

शि.वा.ब्यूरो, वाराणसी। परिक्षेत्र में खुले एक दिन में साढ़े आठ हजार से ज्यादा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते, आधार व मोबाइल नंबर से घर बैठे डाक विभाग खोल रहा पेपरलेस खाते

 

खेतों में भी डाक विभाग ने पहुंचाई डिजिटल बैंकिंग, धान रोपाई कर रहे लोगों का खुलवाया आईपीपीबी खाता

 

डाक विभाग द्वारा वाराणसी परिक्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर एक ही दिन में 20 जुलाई को साढ़े आठ हजार से ज्यादा लोगों के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते खुलवाए गए। देर रात्रि तक चले इस अभियान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए मात्र आधार व मोबाईल नम्बर द्वारा ये पेपरलेस खाते खोले गए। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी। वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक 3.94 लाख लोग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाता खुलवाकर घर बैठे इसकी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान भी इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से लगभग 25 हजार लोगों ने आईपीपीबी खाते खुलवाए।

 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंटस बैंक के माध्यम से हर किसी के लिए घर से लेकर खेतों तक सहजता से डिजिटल और पेपरलेस बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सब्जी, चाय, जनरल स्टोर की दुकान वालों से लेकर खेतों में धान की रोपाई कर रहे लोगों का भी डाकियों और ग्रामीण डाक सेवक ने खाता खोला और उन्हें डिजिटल बैंकिंग से परिचित कराया। आम जन के साथ-साथ वृद्धजनों, दिव्यांगों, बीमार व्यक्तियों से लेकर महिलाओं, किसानों, श्रमिकों तक को डाक विभाग की इस पहल से घर बैठे डीबीटी राशि प्राप्त करने जैसी तमाम सुविधाएँ मिल रही हैं। इस खाते के माध्यम से मोबाईल व डीटीएच रिचार्ज, बिजली व पानी बिल भुगतान जैसी तमाम सुविधाएँ भी मिलेंगी। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि जहाँ कोई नहीं पहुँचता, वहाँ डाकिया पहुँच रहा है। अब डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक चलते- फिरते बैंक बन गए हैं। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम द्वारा अन्य बैंकों में प्राप्त डीबीटी राशि या जमा राशि का भी डाकिया द्वारा लोगों को माइक्रो एटीएम से भुगतान किया जा रहा है।

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