भारतीय लघुचित्रों में देवियों के अंकन में डा.मिली भाटिया आर्टिस्ट के शोध प्रबंध को 7 साल पूरे

शि.वा.ब्यूरो, रावतभाटा। नवरात्रि में देवियों पर अपना शोध प्रबंध देवी माँ को समर्पित करते हुए डाॅक्टर मिली भाटिया आर्टिस्ट ने बताया कि उनके भारतीय लघुचित्रों में देवियों के अंकन में 27 वर्ष की उम्र में पीएचडी के बाद उनका अगला मिशन आगामी 5 साल में डीलिट करना है। डा.मिली ने बताया कि उन्होंने अपना शोध राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से डाॅ. आईयू खान के निरीक्षण में 19 अक्टूबर 2013 को अपना शोधपत्र उस समय सब्मिट किया था, जब वह प्रेगनेंट थी। उन्होंने बताया कि देवी माँ के आशीर्वाद से 15 जनवरी 2014 को देवी रूप में बिटिया लिली प्राप्त हुई और 18 नवम्बर 2014 को पीएचडी की उपाधि प्राप्त हुई। 15 जुलाई 2015 को राजस्थान यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में डॉक्टर की उपाधि से विभूषित किया गया था।

Related posts

Leave a Comment