यादों की झप्पी

अ कीर्ति वर्द्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

यादों की झप्पी से
खुद को खुद बहला लेता हूं,
जख्म मिले अपनों से,
यादों से सहला लेता हूं।
बचपन की यादें ही तो,
उम्र ढले पर मीत बनी,
यादों के संग चलते, खुद
को युवा कहला लेता हूं।

53 महालक्ष्मी एंक्लेव मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

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