महिलाओं व बच्चों मौलिक व विधिक अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त कलेन्डर के अनुसार राजीव शर्मा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से वीसी के माध्यम से जिला कारागार में महिलाओं  व बच्चों मौलिक व विधिक अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें सलोनी रस्तोगी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा उपस्थित समस्त महिला बन्दियों व किशोर अपचारियों को भारतीय सविधान में महिलाओ/ बच्चों  को प्राप्त मौलिक अधिकारों के सम्बन्ध मे विस्तार से बताया गया तथा यह भी बताया गया कि हमारे संविधान में पुरूषो के समान ही महिलाओं को भी अधिकार प्राप्त हैं। महिला बन्दियों को गिरफतारी के कारण जानने, उनके परिचितों को सूचित करने, वकील से परामर्श करने, कारागार में स्वास्थय, भोजन, बच्चों की नियमानुसार शिक्षा का अधिकार, पोष्टीक अहार, आदि का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है।

जेलर द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कारागार में 52 महिलाए तथा 74 किशोर बन्दी तथा महिलाओं के साथ 05 बच्चे निरूद्ध है। सचिव द्वारा महिला कैदियों से उनकी समस्याए सुनी गयी तथा कोई भी कानूनी समस्या होने पर जेलर के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत कराने अथवा आवेदन पत्र देने का कथन किया गया जिस पर कार्यवाही किये जाने की बात कही गयी। जेलर को निर्देशित किया गया कि जिन महिला बन्दियों एवम् किशोर अपचारियों के मामले ई- जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित हो सकते है उनकी सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करें जिससे उनके मामलों का शीध्र निस्तारण हो सकें।  महिलाओं के स्वास्थय, शिक्षा, आत्म रक्षा, सामाजिक सोच व विचारधारा, बालिकाओं के लिए  सुरक्षित वातावरण आदि विषयों पर कार्य करने की आवश्यकता है। उनके द्वारा महिलाओं के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। महिलाओं को कानून द्वारा अनेको अधिकार दिये गये है लेकिन जागरूकता की कमी है महिलाओं को जागरूक करने का कार्य जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है यदि कोई महिला मुकदमें की पैरवी आर्थिक स्थित के कारण करने में असमर्थ है तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन देने पर निः शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जायेगा तथा शिविर में उपस्थित महिला बन्दियों एवम् किशोर अपचारियों को संविधान में दिये गये मौलिक कर्तव्यों व कोविड -19 करोना वायरस के बारे मे जानकारी देते हुए जागरूक किया गया। कमलेश सिंह जेलर, सुरेन्द्र मोहन सिंह उप जेलर, मेधा राजपूत उपजेलर व सरिता एडवोकेट आदि शिविर में उपस्थित रहें।
सलोनी रस्तोगी द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि दिनांक 08.11.2020 दिन रविवार  को ई- लोक अदालत का आयोजन अध्यक्ष मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण के न्यायालय कक्ष, प्रधान न्यायाधीश व पारिवारिक न्यायालयों के न्यायालय कक्ष में किया जायेगा, जिसमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिका व वैवाहिक वादों का निस्तारण किया जायेगा। कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए ई- लोक अदालत का आयोजन हो रहा है, जिसमे पक्षकार सुलह – समझौते के माध्यम से अपने मामलों का निस्तारण करा सकते है। लोक अदालत के माध्यम से निपटने वाले मामलों में दोनो पक्षों की जीत होती है। पक्षकारों के धन व समय की बचत होती है तथा मामले के निस्तारण के पश्चात भी सम्बन्ध सौहार्द पूर्ण बने रहते है।

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