प्रदेश सरकार प्रशिक्षण दिलाकर स्थापित करा रही है खाद्य प्रसंस्करण उद्योग


केएल चौधरी/ राम यतन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के नवयुवकों को हर उद्योग, कुटीर उद्योग के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने की अपार सम्भावनाएं हैं। आज वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों की अनेकों बरायटी बनायी जा रही हैं, जिसके लिए तकनीकी ज्ञान जरूरी है। खाद्य प्रसंस्करण के विभिन्न व्यंजनों के लिए प्रदेश सरकार प्रशिक्षण देकर नवयुवकों/शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार से लगा रही है। कैटरिंग संस्थानों एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षित बेरोजगार व्यक्तियों को प्रदेश के दस बड़े नगरों (आगरा, झांसी, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या एवं गोरखपुर) में स्थापित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्रों पर एक वर्षीय खाद्य प्रसंस्करण ट्रेड डिप्लोमा में 117, एक वर्षीय बेकरी एवं कन्फैक्शनरी ट्रेड डिप्लोमा में 78, एक वर्षीय पाककला ट्रेड डिप्लोमा में 105, प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।


सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्यमिता विकास (एससीपी) प्रशिक्षण के अन्तर्गत 100 दिवसीय राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्रों द्वारा ग्रामीण कृषकों, बेरोजगार युवकों तथा महिलाओं को फल-सब्जी प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने के उद्देश्य से 210 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के 10 जनपदों में 15 दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिसके अन्तर्गत प्रयागराज में 50, अयोध्या में 50, लखनऊ में 48 तथा बरेली में 47 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रशिक्षित, दक्ष एवं कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी से सम्बद्ध राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ में संचालित एमएससी (फूड साइंस एण्ड टेक्नोलाॅजी) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु 40 सीटें उपलब्ध है।


उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स सम्मिट-2018 में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के 269 उद्यमियों द्वारा धनराशि रू.15182.54 करोड़ के पूँजी निवेश के एमओयू हस्ताक्षरित किये गये। प्रथम ग्राउड बे्रकिग समोराह के पश्चात 14 उद्यमियों द्वारा लगभग रू. 3529.17 करोड़ लागत के उद्योगों की स्थापना की जा चुकी है। ग्राउण्ड ब्रेकिंग के द्वितीय चरण में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापना की 41 परियोजनाओं में उद्यमियों द्वारा 3064.55 करोड़ का पूंजी निवेश किया जा रहा है। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए किए गए प्रयासों के क्रम में प्रधानमन्त्री किसान सम्पदा योजनान्तर्गत प्रदेश सरकार के विशेष प्रयास से क्रिएशन ऑफ इन्फ्रास्ट्रक्चर फाॅर एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर के अन्तर्गत 05 क्लस्टर, जनपद कानपुर देहात, मथुरा, बागपत, बाराबंकी एवं रायबरेली हेतु स्वीकृत हुए हैं।


आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत केन्द्र पोषित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएम एफएमई), जिसमें भारत सरकार एवं राज्य सरकार का 60ः40 अनुपात में वित्त पोषण है, के अन्तर्गत पांच वर्षों में प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में स्थापित 37805 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों के उन्नयन का लक्ष्य निर्धारित है। इस योजना के अन्तर्गत व्यक्तिगत एवं समूह दोनों प्रकार के लाभार्थी पात्र हैं। इसमें निजी क्षेत्र के सूक्ष्म उद्यमों को अनुमन्य परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अधिकतम रू. 10 लाख क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दिये जाने का प्रविधान है। इकाई हेतु लाभार्थी का योगदान न्यूनतम 10 प्रतिशत और अवशेष ऋण के माध्यम से किया जायेगा। इसके अतिरिक्त स्वयं सहायता समूहों एवं सहकारी संस्थाओं को कार्यशील पूंजी एवं छोटे उपकरणों हेतु प्रति सदस्य रू. 40 हजार प्रारम्भिक पूंजी के रूप में भी दिया जायेगा। योजना अन्तर्गत एक जनपद एक उत्पाद, क्लस्टर एप्रोच एवं शीघ्र नष्ट होने वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष बल दिया जा रहा है।

लेखक सेवानिवृत उपनिदेशक हैं

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