आशा योजना के तहत अनुसूचित जाति के परिवारों से आवेदन 20 जून तक 

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक यादव ने जनपद के नगर व ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले अनुसूचित जाति के परिवारों को सूचित किया है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 के माध्यम से संचालित आशा योजना के अन्तर्गत कोविड-19 महामारी में अनुसूचित जाति के ऐसे परिवार जिनके मुख्य कमाई करने वाले सदस्य की मृत्यु हो गयी है तथा परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक है, को 5 लाख रुपये तक का ऋण स्वीकृत किया जायेगा, जिसमें 20 प्रतिशत अनुदान (रू0 1.00 लाख तक) के रूप में देय होगा।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया है कि विभाग के माध्यम से नवसंचालित आशा योजना के अन्तर्गत लाभान्वित कराये जाने हेतु मृतकों की सूचना 20 जून 2021 तक चाही गयी है, इसलिए कोविड-19 महामारी में अनुसूचित जाति के परिवारों को सूचित किया गया है कि ऐसे परिवार जिनके मुख्य सदस्य की मृत्यु हो गयी हो को आशा योजना के अन्तर्गत 5 लाख रुपये तक का ऋण स्वीकृत किया जायेगा, जिसमें 20 प्रतिशत अनुदान (रू0 1.00 लाख तक) के रूप में होगा। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा है कि इच्छुक अनुसूचित जाति के व्यक्ति अपने स्व-प्रमाणित दस्तावेज कार्यालय-विकास भवन में स्थित-जिला प्रबन्धक, उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 के कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में 20 जून तक जमा करा दें। उन्होंने बताया कि विकास खण्ड स्तर पर भी आवेदक अपना आवेदन पत्र सहायक विकास अधिकारी (स0क0) के कार्यालय में जमा कर सकते है।

पात्रता व शर्ते

1. लाभार्थी अनुसूचित जाति का हो।
2. परिवार की वार्षिक आय अधिकतम रू0 3.00 लाख हो।
3. परिवार के मुख्य कमाई करने वाले सदस्य की मृत्यु कोरोना महामारी से हुई हो।
4. मृतक की आयु मृत्यु होने के समय 18 से 60 वर्ष के बीच रही हो।
5. कोविड-19 से मृत्यु का प्रमाण पत्र नगर पालिका, नगर निगम, ग्रामीण क्षेत्र में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा निर्गत किया गया हो।

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