साल का पहला चंद्र ग्रहण आज दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। सूरज या चंद्रमा पर ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना है, जो हर साल अलग-अलग समय पर घटती है। ग्रहण को राशि और लोगों के भाग्य से जोड़कर भी देखा जाता है। इस साल कुल चार ग्रहण लगेंगे। जिसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। साल का पहला ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से आज शुरू हो जाएगा। इस चंद्र ग्रहण को भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और उत्तर अमेरिका के अधिकांश हिस्से में देखा जा सकेगा। इसके अलावा इस चंद्र ग्रहण को प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर और अंटार्कटिका में भी साफ-साफ देखा जा सकेगा। ये पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, इसलिए भारत में दिन में होने के बावजूद भी देश के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन संपूर्ण भारत में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा।  दोपहर का समय होने की वजह से संपूर्ण भारत में यह चंद्रग्रहण नहीं दिखाई देगा। यह चंद्र ग्रहण शाम को 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 2 मिनट की है।
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार यह चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लगने जा रहा है, इस कारण इसका ज्यादा प्रभाव इसी राशि और नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों पर अधिक पड़ेगा। ऐसे में वृश्चिक, मेष, मिथुन, सिंह, तुला और मीन राशि वालों को वाणी और स्वास्थ्य पर नियंत्रण रखना शुभ रहेगा। कन्या, धनु, मकर राशि के लिए शुभ परिणाम मिलेंगे।

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें

ज्योतिष गणनाओं के अनुसार हालाँकि इस चंद्रग्रहण का प्रभाव भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर सब जगह नहीं पडेगा, इसके बावजूद सलाह दी जाती है कि चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य न करें। इस दौरान भोजन बनाने और खाने से बचें। चंद्र ग्रहण के दौरान वाद-विवाद से बचें और धारदार वस्तुओं का प्रयोग न करें। भगवान की प्रतिमाओं को हाथ न लगाएं और तुलसी के पौधे के भी न छुएं। ग्रहण काल में सोना, मल-मूत्र विसर्जन भी वर्जित माना जाता है। ग्रहण के समय शारीरिक संबंध न बनाने, बालों में कन्घी न करने, ग्रहण के समय दातुन न करने तथा गर्भवती स्त्रियां घर से बाहर न निकलने कि सलाह दी जाती है।

ग्रहण काल में क्या करें

ज्योतिषशास्त्रियों के अनुसार ग्रहण के समय मन ही मन अपने ईष्ट देव की अराधना करें, क्योंकि मंत्रोंच्चारण करने से ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। ग्रहण लगने से पहले खाने पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते डालकर रख दें। ग्रहण की समाप्ति के बाद घर की सफाई कर खुद भी स्नान कर स्वच्छ हो जाएं और आटा, चावल, सतनज, चीनी आदि चीजों का जरूरतमंदों को दान करें।

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