पिता

रेखा घनश्याम गौड़, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

पिता वो साया है,
जिसके होने से कभी हम भूखे नहीं सोते,
चाहे हम कमायें या ना कमायें।
पिता जीवन की सीपी का
वो सुरक्षा कवच है,
जिसमें रहकर हर बच्चा
मोती की तरह पलता है।
पिता वो सहारा है,
जिसका साथ
चाहे पूरी दुनिया छोड़ दे, लेकिन
वो हमारा हाथ कभी नहीं छोड़ते।।
पिता वो खुदा है,
जो हमारी सफलता पर
हमसे ज्यादा खुश होते हैं,
और हमारे लगाए कलंक को भी
अपने सर पर लेते हैं।
पिता वो हैं
जिनके मन में प्रेम की
जो असीमितता है,
उसका आंकलन ना तो
समुद्र की गहराई से किया जा सकता है,
ना ही आसमान की ऊँचाई से।।
जोधपुर, राजस्थान

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