टाली गई सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं, 10वीं के एग्जाम रद्द, शिक्षक एमएलसी ने भी यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के बारे में लिखा पत्र


शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली/ लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक और बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक में सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं स्थगित करने व 10वीं के एग्जाम रद्द करने का फैसला किया गया।
देशभर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में 10वीं की परीक्षा रद्द करने और 12वीं की परीक्षा स्थगित करने का निर्णय किया गया है। बता दें कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की मांग तेजी से जोर पकड़ रही थी। देशभर में कोरोना संक्रमण की हालत को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और राहुल गांधी समेत कई बड़ी राजनीतिक, सामाजिक और फिल्मी हस्तियों ने बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की थी। उच्च स्तरीय बैठक में लिए गये निर्णय के अनुसार दसवीं बोर्ड परीक्षाओं को रद्द और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। एक जून को कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए बोर्ड द्वारा नया शेड्यूल तैयार किया जाएगा।
फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि चार मई से 14 जून 2021 तक आयोजित होने वाली कक्षा 12वीं के लिए बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इन परीक्षाओं को बाद में आयोजित किया जाएगा। बोर्ड द्वारा एक जून 2021 को स्थिति की समीक्षा की जाएगी, और विवरण साझा किया जाएगा। परीक्षाओं की शुरुआत की सूचना कम से कम 15 दिन पहले दे दी जाएगी। वहीं, 10वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के सम्बन्ध में हुए इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी ने उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को पत्र लिखकर सीबीएसई की तरह ही यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा को रद्द करने और इंटरमीडिएट परीक्षा को आगे बढ़ाने का किया आग्रह किया है। उन्होंने वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्हें राहत पैकेज देने की मांग की है। शिक्षक एमएलसी ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश सरकार के नियम विरुद्ध शत-प्रतिशत शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा रहा है, जबकि केवल 50 प्रतिशत शिक्षकों को ही बुलाने की अनुमति है। उन्होंने इस मामले पर भी कार्यवाही कार्यवाही की मांग करते हुए शिक्षकों को कोरोना से बचाने के लिए घर से ऑनलाइन शिक्षण व अन्य कार्य देखने का आदेश पारित करने की मांग की है।

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