जिलाधिकारी ने गांव पचेंडा कलां में जाकर कराई क्राप कटिंग

शि.वा.ब्यूरो, मुज़फ्फरनगर। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने आज तहसील सदर के पचेंडा कलां गांव में गेहूं फसल की क्राप कटिंग कराते हुए गेहू की फसल की उपज का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न फसलों की पैदावार का आंकलन करने के लिए रैण्डम तरीके से गांवों का चयन कर खेतों पर फसलों की क्राप कटिंग कराई जाती है तथा फसलों की उपज का आंकलन कराया जाता है। उन्होंने कहा कि आज सदर तहसील के ग्राम पचेंडा कलां में कृषक सत सिंह के खेत मे गेहूं की फसल की क्राप कटिंग अपने सम्मुख कराई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार, लेखपाल व पटवारी से गेहूं फसलों के नुकसान व क्राप कटिंग के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कृषक फसलोेें का बीमा अवश्य कराये, ताकि किसी भी प्रकार के आपदीय प्रकोपों से फसलोें का मुआवजा-क्षतिपूर्ति मिल सके। इस अवसर पर एसडीएम सदर दीपक कुमार, तहसीलदार सदर, कानूनगो, लेखपाल व सम्बंधित कृषक आदि उपस्थित थे।

अचानक से प्रशासनिक अमले के साथ अलसुबह गेहूं की कटाई कर रहे खेत में पहुंची डीएम को देखकर किसान हैरान हो गए, हालाकि किसानों को इस बात की पहले ही जानकारी थी कि वे आज गांव का दौरा करेंगी, पर खेत में अचानक पहुंचने से वे हैरान थे। डीएम ने किसानों से बात करते हुए गेहूं के फसल कटाई के बारे में पूछा कि कैसे इसकी कटाई होती है? इसके भूसे का क्‍या होता है? किसान ने डीएम सेल्‍वा कुमारी जे. को गेहूं की कटाई संबंधी पूरी मुख्‍य बातें बताई। डीएम ने पूछा कि फसल काटने के कितने दिन बाद फसल की थ्रेसिंग की जाएगी। इस पर किसान ने बताया कि कटाई के तीन दिन बाद फसल की नमी दूर होते ही थ्रेसिंग की जाएगी। पूछा कि भूसे का क्‍या होगा? इस पर किसान ने कहा कि पशु चारे के लिए इसका उपयोग किया जाता है। जाते-जाते उन्‍होंने कहा कि इस फसल को सरकारी क्रय केंद्र पर ही बेचना। कृषक सत सिंह  ने कहा कि घरेलू उपयोग से बचने वाले गेहूं को मंडी में ही बेचा जाता है। इस बार भी फसल को बचने के बाद सरकारी मंडी में ही बेचा जाएगा। डीएम ने उस दौरान कहा कि यदि कोई परेशानी हुई तो फोन करके बताना। उन्होंने अन्य किसानों को भी इसके बारे में जानकारी देने को कहा।

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