एसडी काॅलेज ऑफ फार्मेसी एण्ड वोकेश्नल स्टडीज में नारी सशक्तिकरण व सम्मान पर व्याख्यान आयोजित


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। एसडी काॅलेज ऑफ फार्मेसी एण्ड वोकेश्नल स्टडीज में महिलाओ तथा बच्चों के विरूद्व हिंसा से रोकथाम हेतु अभियान कार्ययोजना के तहत काॅलेज निदेशक डा0 अरविन्द कुमार व काॅलेज के प्रोफेसर व फैमिली ऑफ ब्लड डोनर ट्रस्ट रजि0 सहारनपुर के एडवाइजर डा0 क्षितिज अग्रवाल ने एम0 फार्मा अन्तिम वर्ष के छा़त्र-छा़त्राओं को नारी सशक्तिकरण व सम्मान नामक विषय पर एक व्याख्यान दिया।
डा0 अग्रवाल ने ‘‘यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवताः‘‘ श्लोक से अपने व्याख्यान का प्रारम्भ करते हुए कहा कि नारी का सारा जीवन पुरूष के साथ कंधे से कधां मिलाकर चलने मे ही बीत जाता है, पहले पिता की छत्र-छाया में उसका बचपन बीतता है। पिता के घर में भी उसे काम काज करना होता है तथा साथ-साथ अपनी पढाई भी जारी रखनी होती है उसका यह क्रम विवाह तक जारी रहता है। विवाह के पश्चात वो कोल्हू के बैल की मानिंद घर परिवार में ही में ही खटकती रहती है। संतान के जन्म के बाद तो उसकी जिम्मेदारियां और बढ जाती है, कई बार वो घर परिवार के खातिर अपने अरमानों का गला घोट देती है। परिवार के खातिर अपना जीवन होम करने में भारतीय महिलाए सबसेे आगे है।


काॅलेज निदेशक डा0 अरविन्द कुमार ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर, मदर टेरेसा, इला भटट, महादेवी वर्मा, राज कुमारी अमृत कौर, अरूण आसफ अली, सुचेता कृपलानी और कस्तूरबा गांधी आदि जैसे कुछ प्रसिद्व महिलाओं ने अपने मन, वचन व कर्म से सारे जग संसार में अपना नाम रोशन किया है। अतः हर महिला का सम्मान करना चाहिए भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी, दुर्गा, लक्ष्मी व सरस्वती आदि का यथोचित्त सम्मान दिया गया है अतः उसे उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।
इस अवसर पर विमल कुमार भारती, हरेन्द्र, प्रवीण कुमार, ईशान अग्रवाल, पल्लावी गौतम, राबिया प्रवीन, चारू भारती, सोनू कुमार, रोहित, विनय, अतुल गुप्ता, सना जैदी, विकास कुमार, राहुल, अमित, अंकित, आदि उपस्थित रहें।

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