कुमार्ग मार्ग छोड़ दो

विनोद कुमार सीताराम दुबे, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

मानव हो मानवता को जानो
मार्ग सदा सत्य की चूनो तुम
पथिक बनो सत़ मार्ग का
संग सदा धरो तुम नीति का
कुनीति से रहो सदा दूर
प्रेम मार्ग पर चलो सदा
कुमार्ग मार्ग को छोड़ दो
मनुष्य हो मनुष्य हित
आतंक द्ववेश त्याग दो
जाति धर्म भेद छोड़ कर
प्रेम का इजहार कर
मानवीय मूल्य का हार ले
सभी को इस में बांध ले
सुमार्ग मार्ग पर सभी को
एक साथ लेकर चलो
कुमार्ग मार्ग को छोड़ दो
शिक्षक व हिंदी प्रचारक भांडुप (मुंबई) महाराष्ट्र

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