गरीबों की मदद करने वाले अब तक के नंबर वन मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ, चार साल में दिए 10 अरब

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछली सरकारों की तुलना में गरीबों की मदद करने में अब तक के नंबर वन सीएम बन गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के तहत पिछली सरकारों से कई गुना ज्यादा गरीबों, मजलूमों और गंभीर रोगियों की मदद की है। सीएम योगी ने पुराने रिकार्डों को तोड़ते हुए चार साल में गरीबों, मजलूमों और गंभीर रोगियों को 10 अरब रुपए दिए हैं। सपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 42508 लोगों को 552 करोड़ दिए गए थे। बसपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में यह मदद 18462 लोगों को 84 करोड़ रुपए दी गई थी।
सीएम योगी शुरू से ही गरीबों, मजलूमों, असहायों और गंभीर रोगियों की मदद में आगे रहे हैं। सांसद रहते हुए भी उनके द्वार हमेशा आम लोगों के लिए खुले रहते थे। सूबे में सत्ता में आने के बाद सीएम योगी ने प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा ऐसे लोगों की मदद की है, जिन्होंने पैसे के अभाव में अपनों के जीवन की आस छोड़ दी थी। सीएम योगी की मदद से ऐसे हजारों लोगों की न सिर्फ जान बची है, बल्कि उनके परिवारों की जमीन और जायदाद भी बिकने से बची हैं। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव विशाख जी के अनुसार मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार जरूरतमंद और गरीब पात्रों की मदद की जा रही है, इसमें किडनी प्रत्यारोपण, कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों में धनराशि तय समय में दी जाती है।
सूत्रों की माने तो सीएम योगी ने सबसे ज्यादा 25425 कैंसर रोगियों को तीन अरब 94 करोड़ 22 लाख 24 हजार 711 रुपए, अन्य प्रकार के ईलाज के लिए 21755 रोगियों को तीन अरब पांच करोड़ 13 लाख नौ हजार 350 रुपए, किडनी के ईलाज के लिए 9427 लोगों को एक अरब 80 करोड़ 65 लाख 82 हजार 475 रुपए और हृदय रोग के ईलाज के लिए 7019 लोगों को 68 करोड़ 35 लाख 69 हजार 400 रुपए दिए हैं। इटावा के पुरविया टोला नालापार निवासी विकास बताते हैं और उनके पिता पल्लेदारी करते हैं। वह कहते हैं कि कर्ज लेकर ईलाज करा रहे थे। किडनी का ईलाज चल रहा है और इस हफ्ते प्रत्यारोपण होना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मेरे ऊपर बहुत बड़ा अहसान है। उन्होंने किडनी प्रत्यारोपण के लिए पांच लाख रुपए दिए हैं। गोरखपुर जिले के चौरीचौरा के जंगल मठिया निवासी बिंद्रावती गुप्ता का कैंसर का ईलाज चल रहा है। उनके बेटे धीरज कहते हैं कि पिता जी कोरोना से तीन माह पहले नहीं रहे। पिता के ईलाज में कर्जदार हो गए। ऊपर से मां के ईलाज के लिए पैसे नहीं थे, हम लोग टूट गए थे। अगर पैसा नहीं मिलता, तो हम मां को भी खो देते। सीएम योगी ने पांच लाख भेजे हैं। वह ऐसे वक्त में हमारे काम आए हैं, जब हमारे सामने भगवान के अलावा कोई नहीं था।
लखनऊ जिले के निजामपुर मल्हौर निवासी शुभम यादव के सिर में गंभीर चोट लगी थी। उनके पिता शिव कुमार बताते हैं बेटे के सिर का आपरेशन हुआ था और अभी भी ईलाज चल रहा है। ईलाज के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए रिश्तेदारों से उधार लिया था। बाद में सीएम योगी ने पांच लाख रुपए दिए। यह सरकार बहुत अच्छी है। मोदी-योगी दोनों लोग बहुत अच्छे हैं। हम उन्हें चाहते भी हैं। हरदोई के निजामपुर थाना पिहानी निवासी आनंद कुमार रस्तोगी सोने चांदी के कारीगर हैं। उनके किडनी की डायलिसिस हो रही है। इसी दौरान फालिज भी मार दिया था। वह कहते हैं जो कुछ उनके पास था, ईलाज में लगा दिया था। उधार भी लेना पड़ा। सरकार ने चार लाख 80 हजार रुपए दिए। योगी जी का बहुत-बहुत धन्यवाद है। उनका बहुत बड़ा अहसान है। उनके आशीर्वाद से आज जिंदा हैं। वाराणसी जिले के रामनगर निवासी ओम प्रकाश दीक्षित निजी कंपनी में काम करते थे। उनके सीने में ट्यूमर था। जिस कारण उनकी नौकरी भी छूट गई। ईलाज कराने के लिए पैसे नहीं थे। उधार लेकर ईलाज शुरू कराया। वह कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी जी ने ईलाज के लिए पांच लाख की मदद की। उनका बहुत-बहुत धन्यवाद है।

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