बात को सम्भालना तो कोई डा. पुष्पेन्द्र से सीखे


शि.वा.ब्यूरो, खतौली। जी हां! आपने सही समझा, बात बिगाड़ने की बात हो तो इसके लिए कोई चल जायेगा, लेकिन जब बिगड़ी बात को सम्भालने की बात हो तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी डा.पुष्पेन्द्र का कोई जवाब नहीं है।
हुआ यूं कि पुराने पर्चे पर दवाई लेने पहुंचे निकटवर्ती गांव टिटौडा के एक नेता टाईप बुजुर्ग डा. से उलझ गये। चिकित्सक द्वारा पर्चे का नवीनीकरण की बात कहने पर उखड़ गये और किसान यूनियन की धौंस देने के साथ उच्चाधिकारियों को शिकायत करने की धमकी तक दे डाली। इतना ही नहीं वे उक्त चिकित्सक की शिकायत लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधीक्षक डा. पुष्पेन्द्र के पास जा पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक ने बुजुर्ग व्यक्ति को समझाते हुए उन्हें दवाई उपलब्ध कराकर बात को बखूबी सम्भाल लिया। डा.पुष्पेन्द्र की व्यवहारकुशलता से प्रभावित लोग ये कहने से खुद को नहीं रोक सके कि बात को सम्भालना तो कोई डा. पुष्पेन्द्र से सीखे।

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